Sep 8, 2025, 13:53 ISTBihar

बिहार में महिलाओं के लिए पिंक बस सेवा का दूसरा चरण शुरू, सीएम नीतीश ने दिखाई 80 पिंक बसों को हरी झंडी

बिहार में महिलाओं के लिए पिंक बस सेवा का दूसरा चरण शुरू, सीएम नीतीश ने दिखाई 80 पिंक बसों को हरी झंडी

Patna: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सीएम नीतीश कुमार ने महिलाओं को बड़ी सौगात दी है। सोमवार को पटना स्थित एक अणे मार्ग से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिंक बस सेवा के दूसरे चरण की शुरुआत करते हुए 80 नई बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये बसें केवल महिलाओं के लिए चलाई जाएंगी।

इससे पहले मई 2025 में इस सेवा का पहला चरण शुरू किया गया था, जिसमें 20 सीएनजी पिंक बसें शामिल थीं। उनमें से 8 बसें वर्तमान में पटना शहर में सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं। अब दूसरे चरण के साथ, पिंक बसों की कुल संख्या 100 हो गई है, जिससे महिला यात्रियों को और अधिक सुविधा और सुरक्षा मिल सकेगी।

फिलहाल ये बसें पटना के 5 प्रमुख रूटों पर चलाई जा रही हैं। जिसमें गांधी मैदान से दानापुर स्टेशन, गांधी मैदान से एम्स, नेहरू पथ, एम्स रोड और सगुना मोड़ मार्ग शामिल हैं। इन रूटों पर चलने वाली बसें मगध महिला कॉलेज, पटना वीमेंस कॉलेज, जेडी वीमेंस कॉलेज, IGIMS और अशोक राजपथ जैसे महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थानों और व्यस्त स्थानों को कवर करती हैं।

इससे खासकर छात्राओं और कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन सुविधा मिल रही है। इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश ने बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की सभी 1065 बसों में ई-टिकटिंग सुविधा का भी उद्घाटन किया। इस नई व्यवस्था से यात्रियों को डिजिटल पेमेंट, प्रीपेड कार्ड, मासिक पास और स्टूडेंट पास की सुविधा मिलेगी।

इसके अलावा, यात्रियों को अब ‘Chalo’ मोबाइल ऐप के माध्यम से बसों की रियल-टाइम लोकेशन देखने की सुविधा मिलेगी। कंडक्टर भी इसी ऐप के माध्यम से टिकट और मंथली पास जारी करेंगे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा, परिवहन मंत्री शीला कुमारी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

पिंक बस सेवा के दूसरे चरण की शुरुआत करते हुए सीएम ने एक्स पर तस्वीरें साझा की और लिखा कि, "आज बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की 1065 बसों में ई-टिकटिंग सुविधा लागू करने का शुभारंभ किया तथा द्वितीय चरण में नई 80 पिंक बसों का लोकार्पण भी किया। इन बसों में केवल महिलाएं ही यात्रा कर सकती हैं। इन पिंक बसों के परिचालन से महिलाओं का सफर ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक होगा और उन्हें आवागमन में काफी सहूलियत होगी। साथ ही ई-टिकटिंग की व्यवस्था से राज्य के लोगों को विभिन्न जगहों पर यात्रा करने में सुगमता होगी।