Sun, 22 Jan 2023

आज आयोजित होगा 8वें इंडिया नेशनल साइंस फेस्टिवल का "वैज्ञानिका" कार्यक्रम

आज आयोजित होगा 8वें इंडिया नेशनल साइंस फेस्टिवल का "वैज्ञानिका" कार्यक्रम

भोपाल में आयोजित हो रहे 8वें इंडिया नेशनल साइंस फेस्टिवल 2022 का बड़े ही जोश-खरोश साथ शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम का भव्य आयोजन मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी के प्रांगण में किया गया। जहां वैज्ञानिकों, विज्ञान शिक्षकों, संचारको, पत्रकारों और विद्यार्थियों का भारी जमावड़ा था। चारों ओर कार्यक्रम उद्घाटन के की चहलकदमी दिखाई दे रही थी। स्कूली बच्चों का भी झुंड दिखाई दे रहा था। औपचारिक तौर पर साइंस फेस्टिवल की शुरुआत बंदना एवं दीप प्रज्वलन से आरंभ हुआ। लेकिन सभी मुख्य अतिथि ,मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह एवं विशेष अतिथि केंद्रीय मंत्री श्री जितेंद्र सिंह के उद्बोधन सुनने के लिए आतुर थे। विशेष अतिथि के रूप में केंद्रीय मंत्री श्री जितेंद्र सिंह ने महत्वपूर्ण राष्ट्रीय वैज्ञानिक योजनाओं की चर्चा की और केंद्र सरकार द्वारा युवा वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित करने की बात कही। वहीं पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह ने राज्य सरकार के उपलब्धियों का हवाला दिया और राज्य में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के लिए सहयोगी संस्थाओं के माध्यम से जन विज्ञान बनाकर लोगों को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा में जोड़े जाने की बात कही।

साइंस फेस्टिवल का आयोजन स्थल -मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी का परिसर काफी बड़ा है जहां विभिन्न आयोजनों के लिए काफी सुविधाएं उपलब्ध है। इंस्टिट्यूट के विभिन्न कॉन्फ्रेंस हॉल,ऑडिटोरियम, एग्जीबिशन सेंटर ,आदि विज्ञान की विभिन्न विधाओं को प्रदर्शित करने के लिए सुसज्जित किए गए थे। एग्जीबिशन सेंटर में कई स्टाल काफी रोचक रहे है। जिसमें सीको पेन तथा पेपर के माध्यम से सर्किट तैयार करने से आसान विधि बताने के लिए किट बनाकर बेचे जा रहे थेजो बेहद रोचक एवं आकर्षक थे। इस किट के मैन्युफैक्चरर लिखोट्रानिक्स टेक प्राइवेट लिमिटेड, कानपुर(8429346519) ने बच्चों को खूब आकर्षित किया। वहीं पर सीएसआईआर प्रायोजित वूमेन ग्रुप(रांची) तथा सदेव क्रिएशन (भोपाल) द्वारा प्रस्तुत रीसाइकिल्ड पेपर बनाने एवं बाजार में बेचने की विधि भी लोगों को खूब पसंद आ रही थी क्योंकि रांची और भोपाल के दोनों समूहों द्वारा महिलाओं को रोजगार प्रदान करने में अहम भूमिका निभा रहा है। प्रदर्शनी में विज्ञान के विभिन्न प्रयोग और प्रदर्शन की कई स्टाल लगाए गए थे। जिसको सामान्य दर्शक से लेकर विद्यार्थियों तक खूब आनंद लिया।

उद्घाटन सत्र के दिन सबसे अधिक रोचक और महत्वपूर्ण विषय देखने को मिला इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल का कार्यक्रम- “वैज्ञानिका” जिसके तहत साइंस लिटरेचर फेस्टिवल की तैयारी शामिल की गई है। साइंस लिटरेचर फेस्टिवल की तैयारी में जुटे विशेषज्ञ मौलाना आजाद इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के एक दूसरे प्रखंड में एवं वैज्ञानिक तैयारी कर रहे थे। इसी प्रखंड में युवा वैज्ञानिकों के व्याख्यान तथा साइंस लिटरेचर फेस्टिवल की भी प्रस्तुति होनी है। आयोजकों के अनुसार आज साइंस लिटरेचर फेस्टिवल का शुभारंभ आज होगा। जिसमें कुल 250 प्रतिनिधि सम्मिलित होंगे। अधिकांशतः प्रतिभागी वैज्ञानिक है अथवा विज्ञान लेखक या विज्ञान के विद्यार्थी तथा कवि एवं साहित्यकार हैं। विज्ञान प्रगति के संपादक डॉक्टर मनीष मोहन गोरे ने बताया कि साइंस लिटरेचर फेस्टिवल सत्र की शुरुआत की जाएगी सीएसआईआर के महानिदेशक, डॉक्टर एन कैलासलवी , डॉ शेखर सी. मंडे ,सीएसआईआर के पूर्व महानिदेशक एवं अध्यक्ष विजन भारती के अध्यक्ष, भोज विश्वविद्यालय के कुलपति, सीएसआईआर के प्रधान वैज्ञानिक हसन जावेद खान तथा अन्य वरिष्ठ वैज्ञानिकों की उपस्थिति में।

साइंस लिटरेचर फेस्टिवल के पहले सत्र में विज्ञान और विज्ञान की भाषा पर विशेष पर चर्चा होगी। जिसमें विज्ञान लेखन के विविध आयाम से लेकर क्षेत्रीय भाषाओं के प्रयोग तथा उसकी उपयोगिता अनुभव साझा किया जाएगा। आयोजन समिति की तरफ से बताया गया कि बच्चों से संबंधित कार्यक्रम भी शामिल किए गए हैं जिसमें साइंस मेटाबॉलिज शो, कठपुतली प्रदर्शनी एवं चित्रकला प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया है। “वैज्ञानिका” के आयोजन में 2 सत्र शामिल किए गए और सभी सत्रों में कुल 17 शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे जिसमें विज्ञान और समाज के पहलू पर भी चिंतन मनन का कार्यक्रम रखा गया है। दूसरे सत्र में लेखकों से मिलिए का कार्यक्रम रखा गया है जिसमें 8 विज्ञान लेखकों द्वारा लिखित किताबों पर बातचीत होगी। डॉक्टर मनीष मोहन गोरे ने बताया कि गैलीलियो पर केंद्रित विज्ञान नाटक की भी प्रस्तुति की जाएगी।

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