Sun, 1 Jan 2023

मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले मेट्रो ट्रेन के टिकट वितरण की तैयारी

मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले मेट्रो ट्रेन के टिकट वितरण की तैयारी

मध्यप्रदेश में केवल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके मंत्री विधायक ही नहीं बल्कि मित्र ठेकेदार भी चुनावी मोड में काम करने लगे हैं। जिन कामों के लिए पिछले 4 सालों में महीनों लगे हैं, वही काम अब हफ्तों में होने लगे हैं। राजधानी भोपाल में विधानसभा चुनाव के टिकट वितरण से पहले मेट्रो ट्रेन के टिकट वितरण की तैयारी की गई है। ताकि पूरे मध्यप्रदेश को विकास की रफ्तार दिखाई दे। 

सीएम शिवराज सिंह चौहान का इशारा मिलते ही मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के एमडी मनीष सिंह ने कोच और ट्रैक के साथ-साथ सभी प्रकार के महत्वपूर्ण टेंडर मंजूर कर दिए हैं। अब किसी काम में कोई रुकावट नहीं है। 2019 से लेकर 2022 तक साहब वीआईपी और उनका इंतजार करती थी। साल 2023 में मेट्रो ट्रेन की फाइल वीआईपी हो गई है और मैदान से लेकर मंत्रालय तक तमाम साहब फाइल का इंतजार कर रहे हैं। 

मेट्रो का पहला रूट एम्स से करोंद तक कुल 16.05 किलोमीटर लम्बा है। इसमें से 6.22 किमी एम्स से सुभाष नगर के बीच का काम प्रायोरिटी कॉरिडोर के रूप में 2018 में शुरू हुआ था। इसका 80% से ज्यादा काम पूरा हो चुका है। 9 महीने में बाकी बचे 20% काम को पूरा करने का टारगेट है। पिलर खड़े होने और गर्डर लॉन्चिंग के बाद मेट्रो कॉर्पोरेशन का पूरा फोकस डिपो और स्टेशन बनाने में है, क्योंकि इन्हीं में वक्त लगेगा। कोरोना के कारण काम रुका फिर भी इस साल सितंबर तक काम पूरा करने का दावा किया जा रहा है।

एम्स से सुभाषनगर का रूट बनने के बाद सुभाष नगर से करोंद के बीच यानी बाकी के 9.83 किलोमीटर मेट्रो रूट का काम होगा। इस रूट पर 39 एकड़ से ज्यादा जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। अलग-अलग लोकेशन की लगभग 8 एकड़ जमीन पर 5 प्लाजा, 6 स्टेशन, 4 पार्किंग, 2 यार्ड बनेंगे। पुराने शहर में अतिरिक्त पार्किंग व्यवस्था पर फोकस है। पुल बोगदा के पास मेट्रो का जंक्शन बनेगा, यहां दोनों लाइनें आकर मिलेंगी। पुल बोगदा से मेट्रो अंडरग्राउंड हो जाएगी। पहला अंडरग्राउंड स्टेशन मुख्य रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 की तरफ बनेगा। जहां ईरानी डेरे की जमीन ली गई है। नादरा बस स्टैंड का मेट्रो स्टेशन भी अंडरग्राउंड रहेगा।

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