Wed, 15 Jun 2022

सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में करोड़ों की मशीनें चलाने के लिए कोई स्टाफ नहीं,

 सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में करोड़ों की मशीनें चलाने के लिए कोई स्टाफ नहीं,

सुपर स्पेशियलिटी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट के डायग्नोस्टिक विभाग में एमआरआई सीटी स्कैन और डिजिटल एक्स-रे समेत अन्य मशीनरी उपकरण 31 करोड़ की लागत से लगाए गए हैं. लेकिन सबसे बड़ी बात कि इन मशीनों को चलाने के लिए एक भी विशेषज्ञ की नियुक्ति नहीं की गई है. आज से ओपीडी की शुरुआत हो रही है. मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल में सबसे अहम विभाग डायग्नोस्टिक है.

इंस्टीट्यूट के अन्य विभागों में एक से दो विशेषज्ञ की नियुक्ति हो गई है. लेकिन यह एक ऐसा इकलौता विभाग है जिस पर एक भी विशेषज्ञ की नियुक्ति नहीं हो पाई है.ऐसे में हॉस्पिटल शुरू हो जाने के बाद भी मरीजो को जांचों की सुविधा नही मिल पाएगी. ऐसे में मल्टी स्पेशलिस्ट में आने वाले मरीजों को एम आर आई निजी सेंटर से करानी पड़ेगी.

2 साल की देरी से शुरु हो रहा इंस्टीट्यूट

प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत हैलट अस्पताल में बने मल्टी स्पेशियलिटी पीजी इंस्टिट्यूट पहले ही दो साल की देरी से खुल रहा है. इसके बाद भी यहां पर व्यवस्था पूरी नहीं हो पाई है. डेढ़ साल से यहाँ पर उपकरण भी आने लगे हैं. वेंटिलेटर की सुविधा तो करोना कॉल में करा दी गई थी. वही MRI के लिए 21 करोड़ की मशीन लगाई गई है. साथ ही 9 करोड़ की की सिटी स्कैन मशीन लगी है इसके अलावा 1करोड़ रुपए की डिजिटल एक्सरे मशीन भी लगाई गई है. ये सभी उपकरण आधुनिक तकनीक से लैस है लेकिन इनको चलाने वाला कोई नही है.

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