Tue, 26 Jul 2022

3 करोड़ से ज्यादा कावड़िया पहुंचे हरिद्वार

3 करोड़ से ज्यादा कावड़िया पहुंचे हरिद्वार

सावन के पवित्र महीने में कांवड़ियें पवित्र गंगा जल से शिव का जलाभिषेक करते है। मंगलवार को जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि कल तक कांवड़ियों की संख्या तीन करोड़ पांच लाख थी, इसमें कोई शक नहीं कि हरिद्वार से निकलने वाले कांवड़ियों की संख्या आज यहां पहुंचने वाले कांवड़ियों की तुलना में अधिक है।

हरिद्वार प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया है। डीएम ने आगे कहा कि आज करीब 50 लाख कांवड़ियें आ चुकी हैं और कुल मिलाकर अब तक की पूरी व्यवस्था ठीक चल रही है, हमने पहले ही आकलन कर लिया था।
 महादेव मंदिर में की पूजा अर्चना
आज सावन शिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं ने हर की पौड़ी में स्नान कर दक्षेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना की। डीएम ने आगे कहा कि मैंने आज एक आदेश जारी किया है, कोविड-19 मामलों के बढ़ते मामलों को देखते हुए, हमने पहले ही सीमा पर कांवड़ यात्रियों से अनुरोध किया था कि मास्क पहनना अनिवार्य है। भारी भीड़ के बीच सामाजिक दूरी का पालन करना संभव नहीं है, लेकिन आज से भीड़ कम होने लगी है। अधिकारी ने आगे कहा कि हमने मास्क को अनिवार्य बनाने का आदेश पारित किया है। इसके अलावा टेस्टिंग बढ़ाने के साथ-साथ जिन लोगों को बुखार है उनकी जीनोम सीक्वेंसिंग के जरिए जांच करने पर भी जोर दिया जाएगा।
कांवड़ मेला सुरक्षित रूप से पूरा हो
डीएम विनय शंकर ने आगे कहा कि हमने यह सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्था की है कि हरिद्वार में लोगों को कोई समस्या न हो। हमारे प्रयास बहुत सामूहिक हैं और हम प्रार्थना कर रहे हैं कि कांवड़ मेला सुरक्षित रूप से पूरा हो। कांवड़ यात्रा भगवान शिव के भक्तों द्वारा की जाने वाली एक वार्षिक तीर्थयात्रा है जिसमें भक्तों को कांवड़ियों के रूप में जाना जाता है, जो उत्तराखंड में हरिद्वार, गौमुख और गंगोत्री और बिहार के सुल्तानगंज जैसे स्थानों पर गंगा के पवित्र जल को लाने के लिए जाते हैं और फिर भगवान की पूजा करते हैं। कोविड -19 प्रतिबंधों के कारण दो साल के अंतराल के बाद इस साल कांवड़ यात्रा फिर से शुरू हो गई है।

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