Tue, 24 Jan 2023

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का बड़ा ऐलान, मध्य प्रदेश के स्कूलों में पढ़ाया जाएगा गीता, रामायण का पाठ

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का बड़ा ऐलान, मध्य प्रदेश के स्कूलों में पढ़ाया जाएगा गीता, रामायण का पाठ

सुमित कुमार - संवाददाता

रामचरितमानस को लेकर हाल फिलहाल में कई नेताओं ने विवादित बयान दिए हैं। जिससे देश की सियासत गर्माई हुई है। वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गीता, रामायण, रामचरितमानस को लेकर बड़ा ऐलान किया है। सीएम का कहना है कि अब मध्य प्रदेश के स्कूलों में गीता, रामायण, रामचरितमानस का पाठ पढ़ाया जाएगा।

सीएम शिवराज ने कहा कि ‘हमारे रामायण हो, महाभारत हो, वेद हों, उपनिषद हों, श्रीमद्भगवद्गीता हो यह अमूल्य ग्रंथ हैं हमारे और इन ग्रंथों में मनुष्य को नैतिक बनाने की मनुष्य को पूर्ण बनाने, संपूर्ण बनाने की क्षमता है। इसलिए हमारे धर्म ग्रंथों की शिक्षा भी, मैं मुख्यमंत्री होने के नाते भी कह रहा हूं। हम तो शासकीय विद्यालयों में भी देंगे। गीता जी का सार पढ़ाएंगे, रामायण जी , रामचरितमानस जी पढ़ाएंगे, महाभारत के प्रसंग पढ़ाएंगे। क्यों नहीं पढ़ाना चाहिए भगवान राम को।’

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘तुलसीदास जी ने इतना महान ग्रंथ लिखा है ‘परहित सरिस धर्म नहीं भाई, परपीड़ा सम नहीं अधमाई, ऐसा ग्रंथ कहीं मिलेगा। सिया राम मय सब जग जानी, सब जगह सीताराम है। सृष्टि के कण-कण में भगवान विराजमान है हर एक आत्मा परमात्मा का अंश है हर एक घट में बस वही समाया हुआ है तो कौन दूसरा है। यह ग्रंथ देने वाले रामायण जी रामचरितमानस जैसे तुलसीदास जी, तुलसी बाबा मैं उनको प्रणाम करता हूं। और ऐसे लोग जो हमारे इन महापुरुषों का अपमान करते हैं वह सहन नहीं किए जाएंगे। मध्य प्रदेश में हमारे इन पवित्र ग्रंथों की शिक्षा देकर हम अपने बच्चों को नैतिक भी बनाएंगे, पूर्ण भी बनाएंगे शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा इन सब का सुख वह प्राप्त कर सके ऐसा बनाने का प्रयास करेंगे।’

बता दें कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह ऐलान राजधानी भोपाल में विद्या भारती संस्था द्वारा आयोजित ‘सुघोष दर्शन’ कार्यक्रम में कही। जहां उन्होंने स्कूली बच्चों को भी संबोधित किया। सीएम ने कहा कि ‘विद्या भारती नैतिक शिक्षा देती है। कुछ लोग देश में ऐसे भी हैं जिन्हें हमारी संस्कृति, अध्यात्म, धर्म और महापुरुषों की आलोचना करने में ही आनंद आता है। ऐसे लोग मूढ़ हैं। ऐसे लोग यह नहीं जानते कि देश का वे कितना नुकसान कर रहे हैं।’

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