Tue, 20 Sep 2022

वायुसेना से हटेंगे मिग-21 विमान; जानिए

वायुसेना से हटेंगे मिग-21 विमान; जानिए

भारतीय वायुसेना अपने बेड़े से मिग-21 लड़ाकू विमानों को हटाने जा रही है। एक अधिकारी ने बताया कि एयरफोर्स 30 सितंबर को अपने मिग-21 फाइटर्स के चार शेष स्क्वाड्रनों में से एक को रिटायर करेगी। श्रीनगर स्थित 51 नंबर की इस स्क्वाड्रन को ‘स्वॉर्ड आम्र्स’ के रूप में भी जाना जाता है। विंग कमांडर (अब ग्रुप कैप्टन) अभिनंदन वर्धमान ने 27 फरवरी, 2019 को नियंत्रण रेखा पर डॉगफाइट के दौरान पाकिस्तानी एफ-16 को मार गिराया था। इस बहादुरी के लिए उन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया गया था, उस समय वह 51वें स्क्वाड्रन में थे।
इसलिए उड़ता ताबूत कहा जाने लगा
मिग-21 विमानों को वायुसेना में 1963 में शामिल किया गया था और विभिन्न किस्म के करीब 900 विमान वायुसेना में शामिल किए गए। अधिकारियों ने बताया कि मिग-21 का बाकी तीन स्क्वाड्रन को 2025 तक हटाया जाएगा। दरअसल, हाल के सालों में कई मिग-21 विमान दुर्घटनाग्रस्त हुए हैं। ऐसे में इनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। बीते छह दशकों में 400 से अधिक विमान दुर्घटना का शिकार हुए हैं, जिनमें करीब 200 पायलटों की मौत हुई है। बार-बार के हादसों के चलते इन्हें उड़ता ताबूत कहा जाने लगा।
वायुसेना की पांच नई स्क्वाड्रन
पिछले एक दशक में वायुसेना की पांच नई स्क्वाड्रन बनी हैं। इनमें तीन राफेल और दो एलसीए तेजस की हैं। सवाल सिर्फ मिग-21 विमानों को फेज आउट करने का नहीं, बल्कि मिराज-जगुआर भी पुराने हो चुके हैं। वायुसेना के पास 49 मिराज तथा 139 जगुआर हैं। उन्हें अपग्रेड करने की योजना है, लेकिन उस पर भारी भरकम खर्च आ रहा है। बेहतर समझ यह कहती है कि उन्हें अपग्रेड करने की बजाय नए खरीदे जाएं, लेकिन निर्णय नहीं हो पा रहा है।

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