Sun, 19 Mar 2023

एमपी बोर्ड 10वीं-12वीं छात्रों के लिए महत्वपूर्ण सूचना, प्रश्नपत्र बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश, जानें सबकुछ

एमपी बोर्ड 10वीं-12वीं छात्रों के लिए महत्वपूर्ण सूचना, प्रश्नपत्र बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश, जानें

MP Board : 1 मार्च से शुरू हुई एमपी बोर्ड 10वीं-12वीं परीक्षा विवादों में आ गई है। माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा 10वीं 12वीं बोर्ड परीक्षा के दौरान प्रश्न पत्र लीक होने के मामले सामना रहे हैं। शुक्रवार को भी दसवीं कक्षा के अंग्रेजी का प्रश्नपत्र इंटरनेट मीडिया पर वायरल किया गया था। हर दिन प्रश्नपत्र आधा एक घंटा पहले इंटरनेट पर वायरल किया जा रहा है। इसी बीच प्रशासन की कार्रवाई भी शुरू हो चुकी है। अब तक 9 से 10 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में मंडल के सचिव श्रीकांत भनोट का कहना है कि प्रश्नपत्र लीक होने में केंद्र अध्यक्ष और सहायक केंद्र अध्यक्ष की भूमिका संदिग्ध है।

परीक्षार्थियों के लिए एडवाइजरी जारी कर दी गई है साइबर क्राइम ब्रांच द्वारा परीक्षार्थियों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति परीक्षा पूर्व प्रश्न पत्र लेने के झांसे में ना आए। प्रश्न पत्र के बदले में किसी को भी पैसे देने से बचें।

इसके साथ ही असामाजिक तत्वों द्वारा पैसे कमाने के लिए गए गैस प्रश्न पत्र या डमी पेपर बेचे जा रहे हैं। व्यक्ति को भरोसे में लेने के बाद माध्यमिक शिक्षा मंडल के लोगो का उपयोग किया जा रहा है। इसलिए छात्रों को इस से बच कर रहना चाहिए।

माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव श्रीकांत भनोट का कहना है कि प्रश्न पत्र केंद्र अध्यक्ष और सहायक केंद्र अध्यक्ष के बिना लीक नहीं हो सकता क्योंकि आधा घंटा पहले प्रश्न पत्र का बंडल केंद्र अध्यक्ष की निगरानी में खोला जाता है। वही प्रश्न पत्र लीक मामले में प्रदेश के 4 जिलों के 9 केंद्र अध्यक्ष व सहायक केंद्र अध्यक्ष को भी निलंबित किया जा चुका है।

एमपी बोर्ड 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के नाम पर प्रश्न पत्र इंटरनेट मीडिया पर वायरल करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। क्राइम ब्रांच द्वारा शनिवार को मंडीदीप से इस मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही उसके द्वारा बनाए गए टेलीग्राम ग्रुप में बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के नंबर मिले है।

इस मामले में डीसीपी क्राइम अमित कुमार ने कहा कि बोर्ड परीक्षा के प्रश्नपत्र बेचने के मामले में मंडीदीप जिला रायसेन निवासी कौशिक, पुत्र श्याम कुमार दुबे को गिरफ्तार किया गया है। बीकॉम के छात्र कौशिक ने टेलीग्राम ग्रुप में पेपर के लिए एक लिंक बनाया है। वही एक पेपर के लिए 600 से ₹1000 तक के छात्रों के लिए जा रहे हैं।

कौशिक से एक मोबाइल फोन, 2 सिम कार्ड सहित एक बैंक के पासबुक भी बरामद किए गए हैं। डीसीपी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक इस मामले में एक और संदिग्ध से पूछताछ की जा रही है। जांच में अभी तक पुलिस को जानकारी मिली है कि इस तरह की कार्रवाई 10 से 12 टेलीग्राम ग्रुप में की जा रही है, यह लोग 10 से 12 टेलीग्राम ग्रुप में सक्रिय हैं और प्रश्नपत्र बेचने का काम कर रहे हैं।

इधर भोपाल के एक निजी स्कूल में बने परीक्षा केंद्र 12वीं की परीक्षा शुरू होने से पहले चुनिंदा छात्रों को व्हाट्सएप पर प्रश्न पत्र भेजने का मामला सामने आया है। जिसमें पुलिस ने 2 शिक्षक सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। शिक्षकों को जेल भेजा गया है जबकि केंद्र अध्यक्ष और सहायक केंद्र अध्यक्ष से पूछताछ की जा रही है।

मंडल के अधिकारियों का कहना है कि 10वीं 12वीं बोर्ड परीक्षा के लिए 1 दिन का भी प्रश्न पत्र लीक नहीं हुआ था। परीक्षा खत्म होने के आधा एक घंटा पहले प्रश्न पत्र वायरल होने से छात्रों को फायदा नहीं पहुंचाया बल्कि वह मानसिक रूप से परेशान हो रहे हैं। मंडल के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा कक्ष के अंदर मोबाइल ले जाना प्रश्न प्रतिबंधित है। चाहे केंद्र अध्यक्ष व सहायक केंद्र अध्यक्ष छात्र मोबाइल को लोहे की अलमारी में रख कर ही वह सेंटर के अंदर पहुंच सकते हैं। बावजूद इसके परीक्षा कक्ष के अंदर मोबाइल पहुंच रहे हैं।

मंडल के सचिव के मुताबिक प्रश्न पत्र लीक मामले में छह सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है। समिति प्रश्न पत्र का मिलान रही है। वहीं वायरल प्रश्न पत्र, वास्तविक प्रश्न पत्र से मेल नहीं खा रहे हैं। हालांकि कुछ प्रश्न ऐसे हैं, जो मिल खा रहे हैं। वहीं मामले में दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

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