Gold Price: शादी-ब्याह का सीजन शुरू होने वाला है ऐसे में बड़ी तादाद में लोग सोना और सोने के गहने खरीदने का प्लान कर रहे हैं, लेकिन पिछले एक महीने से ज्यादा समय से सोने-चांदी की कीमत में जारी उतार-चढ़ाव की वजह से लोग असमंजस में है कि सोने और चांदी की खरीदारी उनके लिए कब बढ़ियां रहेगा। अगर आप भी सोना खरीदना चाहते हैं, लेकिन यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि क्या करें, तो यहां पर दी जा रही जानकारी आपके काम की साबित हो सकती है। आइये जानते हैं इस समय आपके लिए सोना खरीदना अच्छा रहेगा या कुछ रुक कर सही रेट का इंतजार करें और पर खरीदारी करें।
दरअसल रूस और यूक्रेन के बीच पिछले 40 दिनों से जारी युद्ध के बीच भारत समेत दुनियाभर के सर्राफा बाजार में अस्थिरता की स्थिति बनी हुई है और सोने-चांदी की कीमत में हलचल देखी जा रही है। पिछले एक महीने से ज्यादा समय से भारत समेत दुनियाभर के सर्राफा बाजार में सोने के साथ-साथ चांदी की कीमत में तेजी देखी जा रही है। हालांकि इस बीच कभी-कभी इसमें नरमी भी आती है। पिछले कारोबारी हफ्ते में सोने के साथ-साथ चांदी की नरमी में दर्ज की गई।
रूस और युक्रेन के बीच पिछले 40 दिनों से जारी युद्ध और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेली की कीमत में जारी उतार-चढ़ाव की वजह से भारत समेत दुनियाभर के सर्राफा बाजार में लगातार हलचल देखी जा रही है। बाजार जानकारों के मुताबिक रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध समाप्त होने के बाद सोने की कीमतों में तेजी से गिरावट आएगी। दरअसल रूस के पास भी सोने का बड़ा भंडार है और वह इसे ग्लोबल मार्केट में बेचना चाहता है। अगर यह सोना बाजार में आता है तो इसकी आपूर्ति बढ़ेगी और कीमतों में बड़ी गिरावट आ सकती है।
सराफा बाजार के जानकारों के मुताबिक रूस और यूक्रेन में जारी युद्ध अगर थम जाती है तो इसका असर सोने-चांदी के साथ-साथ तेल की कीमत पर भी पड़ेगा। ऐसी स्थिति में इनका रेट कम होना लाजमी है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही युद्ध खत्म करने के लिए रूस और यूक्रेन के बीच कोई समझौता हो सकता है।
इंटरनेशनल गोल्ड मार्केट पर अमेरिका में ब्याज दरों में आने वाला बदलाव भी असर डालता है। ऐसे में अगर आने वाले दिनों में अमेरिकी फेडरल रिजर्व अपनी ब्याज दरें बढ़ोतरी करता है तो लोग गोल्ड से पैसा निकलकर अमेरिकी बांड में लगाने लगेंगे। ऐसे में सोने की कीमत में नरमी आने की संभावना है।
सोना-चांदी और कच्चे तेल की अपनी जरूरत पूरा करने भारत भारत बड़े पैमाने पर इसका आयात करता है और ये आयात अमेरिकी डॉलर में होता है। ऐसे में अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से दोनों की कीमतों में भारत में बढ़ोतरी होती है। जबकि रूपया के मुकाबले डॉलर के कमजोर होने पर आयात सस्ता हो। ऐसे में उम्मीद की जानी चाहिए की आने वाले दिनों में रूपया मजबूत होगा और इनके दाम गिरेंगे।
भारतीय सर्राफा बाजार के जानकारों के मुताबिक डॉलर इंडेक्स में मजबूती का रुख नजर आ रहा है। इससे हाजिर बाजार में सोने के रेट में बढ़ना रुक गया है। अगर इस इंडेक्स में और मजबूती आती है तो सोना की कीमतों में तेजी पर ब्रेक लग सकता है और सोना सस्ता होने लगेगा।

