Tue, 21 Jun 2022

बाढ़ से गहराया संकट 131 लोगों की मौत

 बाढ़ से गहराया संकट 131 लोगों की मौत

मूसलाधार बारिश से पूर्वोत्तर राज्यों में गहरा संकट उत्पन्न हो चुका है। लगातार बारिश की वजह से यहां भूस्खलन और बाढ़ ने लोगों के जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में अधिक मौतों और तबाही की सूचना मिली। केंद्र सरकार ने उस क्षेत्र को सहायता प्रदान करने का वादा किया जहां अब तक 131 लोगों की मौतें हुई हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि एक अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल नुकसान का आकलन करने के लिए असम और मेघालय के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेगा। मुख्यमंत्रियों हिमंत बिस्वा सरमा और कोनराड संगमा से बात करने के बाद उन्होंने कहा कि केंद्र क्षेत्र के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है।

सोमवार असम में 11 लोगों की मौत, 7 लापता

राज्य ने सोमवार को 32 बाढ़ प्रभावित जिलों में से आठ में 11 लोगों की मौत दर्ज की। पांच अन्य जिलों में दो बच्चों सहित सात लोगों के लापता होने की खबर है। मरने वालों में नगांव जिले में तैनात 2 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, जो रविवार देर रात कामपुर में बाढ़ में फंसे लोगों की मदद करने की कोशिश में बाढ़ के पानी में डूब गए थे।

 इस साल मई और जून के महीनों में बारिश की मात्रा पिछले वर्षों के सामान्य औसत से अधिक है। एएसडीएमए के सीईओ जीडी त्रिपाठी ने कहा, "इस मौसम में यह एक चरम मौसम की घटना है और इसने बचाव और राहत प्रयासों और प्रभावित लोगों पर भी अतिरिक्त दबाव डाला है।"

7 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के गुवाहाटी कार्यालय ने सोमवार को क्षेत्र के सभी सात राज्यों के लिए बारिश की चेतावनी जारी की  शुक्रवार तक असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, नागालैंड, मणिपुर और त्रिपुरा के इलाकों में गरज के साथ बारिश और भारी बारिश होने की संभावना है।

1,425 राहत शिविरों में रह रहे 231,819 लोग

वर्तमान में पूरे असम में 4.7 मिलियन से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। राज्य सरकार के अनुसार, बाढ़ के पानी से बचने के लिए अपने घरों से भागे कुल 231,819 लोग वर्तमान में 1,425 राहत शिविरों में रह रहे हैं।

असम में खतरे के निशान से ऊपर बह रहीं नदियां

वहीं मणिपुर में पिछले कुछ दिनों में लगातार बारिश के कारण बराक नदी के जल स्तर में वृद्धि के साथ जिरीबाम और फेरजावल जिलों के कई गांव जलमग्न हो गए हैं।  मुताबिक असम में बेकी, पगलाडिया, पुथिमारी, कोपिली और ब्रह्मपुत्र नदियां कई जगहों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल और एसडीआरएफ कर्मियों के अलावा, भारतीय सेना के कई कॉलम भी राज्य भर में बचाव और राहत प्रयासों में शामिल हैं।

असम में बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए

इस बीच, असम में विपक्षी कांग्रेस ने मांग की कि असम में बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए। प्रधानमंत्री  मोदी को लिखे पत्र में राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता देवव्रत सैकिया ने विशेष राहत के रूप में 20,000 करोड़ रुपये की मांग की। उधर, मेघालय में 1 अप्रैल से अब तक 40 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 918 गांवों के 633,924 लोग इससे प्रभावित हुए हैं।

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