Wed, 8 Jun 2022

सीडीएस : सैन्य प्रमुखों से एक रैंक नीचे के अधिकारी भी अब बनेंगे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ

सीडीएस : सैन्य प्रमुखों से एक रैंक नीचे के अधिकारी भी अब बनेंगे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ 

केंद्र सरकार ने चीफ  ऑफ  डिफेंस स्टाफ  (सीडीएस) के पद पर नियुक्ति के लिए नियमों में बड़ा संशोधन किया है। इस बदलाव के तहत अब तीनों सेनाओं के लेफ्टनेंट जनरल स्तर के सेवारत और रिटायर अधिकारियों के लिए भी सीडीएस बनने का रास्ता साफ कर दिया है। रक्षा मंत्रालय ने नियमों में संशोधन से जुड़ी अधिसूचना जारी कर दी है। सरकार के इस कदम के बाद माना जा रहा है कि अब नए सीडीएस की नियुक्ति की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होगी।

ज्ञात हो कि देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत की पिछले साल आठ दिसंबर को हवाई दुर्घटना में मृत्यु के बाद से यह पद रिक्त है। रक्षा मंत्रालय ने नियुक्ति से जुड़े नियमों में जो बदलाव किया है, उसके बाद अब सीडीएस के लिए शीर्ष सैन्य अधिकारियों के चयन का दायरा बढ़ जाएगा। अभी तक तीनों सेनाओं के प्रमुखों के स्तर यानी जनरल रैंक का अधिकारी ही सीडीएस पद पर नियुक्ति के लिए पात्र था, लेकिन मंगलवार को रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी नए नियम के अनुसार सीडीएस पद के लिए सेना के मौजूदा सेवारत और रिटायर लेफ्टनेंट जनरल, वायुसेना के एयर मार्शल ओर नौसेना के वाइस एडमिल स्तर के अधिकारी भी सीडीएस बनने के पात्र होंगे।

 लेफ्टिनेंट जनरल तीनों सेनाओं के प्रमुखों से एक रैंक नीचे, एयर मार्शल वायुसेना प्रमुख से एक रैंक नीचे और वाइस एडमिरल नौसेना प्रमुख से एक रैंक नीचे का पद है। इससे साफ है कि नए नियम के हिसाब से सेवारत सैन्य प्रमुखों को सुपरसीड करके योग्य उम्मीदवार को सीडीएस बनाया जा सकता है। सीडीएस की नियुक्ति से जुड़े नए नियम के अनुसार हाल ही में सेवानिवृत्त हुए सेना प्रमुख या उपसेना प्रमुख भी देश के इस शीर्षस्थ सैन्य अधिकारी के पद पर नियुक्ति के लिए पात्र होंगे, लेकिन इसमें सीडीएस की नियुक्ति की उम्र सीमा 62 वर्ष निर्धारित कर अधिक लचीलेपन की गुंजाइश नहीं छोड़ी गई है। सीडीएस पद पर बने रहने की अधिकतम उम्र सीमा 65 वर्ष ही रहेगी।

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